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देवभूमि उत्तराखंड के धार्मिक संगठन रुद्रवीणा द्वारा एक दिवसीय रामलीला मंचन का आयोजन आई टी ओ स्थित प्यारेलाल भवन में किया गया।

देवभूमि उत्तराखंड के धार्मिक संगठन रुद्रवीणा द्वारा एक दिवसीय रामलीला मंचन का आयोजन आई टी ओ स्थित प्यारेलाल भवन में किया गया।
यह भव्य रामलीला शास्त्रीय संगीत गीत एवँ दोहे चौपाई श्लोक संवाद पर आधारित थी । जिससे दिल्ली एनसीआर में रहने वाले उत्तराखंडवासी व अन्य समाजों के प्रबुद्ध लोगों को यह सूंदर मंचन द्वारा विलुप्त हो रही सनातन धर्म संस्कृति पुरानी जौनसार संस्कृत भाषा की याद दिला दी ।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार से सम्मानित डीसीपी सैंट्रल दिल्ली जिला पुलिस उपायुक्त श्री संजय कुमार सैन ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की ।
भारतीय संस्कृति उदघोष बंधू / भगिनी जी को संबोधित करते हुए डीसीपी संजय कुमार सैन ने कहा कि श्रेष्ठ मनुष्य वही है जो मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जीवन को आधार बनाकर संत, महात्माओं, निर्बल, दारिद दीन दुखियों की सेवा करे तथा देश व अपने धर्म के लिए श्रीराम जी के आदर्शों पर चलकर मानवता रूपी देवकार्य करने चाहिए और गरीबों को सहयोग कर पुण्य का भागीदार बनें हमे जात पात से ऊपर उठकर अपनी भारत माता की माटी के लिए हमे इन पावन ग्रंथो का अध्यनन कर सत्य धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए अर्थात सबको एक सूत्र माला में पिरोकर परस्पर सहयोग व प्यार यही सत्य सनातन धर्म संस्कृति है श्री सैन ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड हिन्दुस्थान का एक अलौकिक दिव्य धार्मिक आस्था का प्रतीक राज्य है आप लोग धन्य है क्योंकि वहा अर्धनारीश्वर शिवशक्ति की जटाओं से निकली पावन पतित जीवनदायिनी मोक्षदायिनी गंगा माता का संगम है उन्होने कहा कि दिल्ली की दिल की पुलिस हर क्षण आपकी जनसेवा व आपकी सुरक्षा व्यवस्था के लिए सदैव तत्पर है
उन्होने कहां उत्तराखंड के लोगो की गाथा सम्पूर्ण जगत ईमानदारी व मेहनती कार्य के लिए कहता हैं उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लोगों की निकासी राजस्थान से ही है मैं राजस्थान से आता हूं तो वहां के शास्त्रीय संगीत से लेकर वहां की लोग गाथा को अच्छी तरह से जानता हूं आज हमारी पुराने संस्कृति विलुप्त होती जा रही है जिसको संवारने की जरूरत है राजस्थान उत्तराखंड की परंपरा , वेश भूषा धार्मिक पूजा पद्धति भी लगभग एक जैसी है हमें जरूरत है अपनी लोक परंपराओं को पुर्नजीवित करने की उन्होंने कहा कि जब मै राजस्थान विश्वविद्यालय में था तो वहाँ भारतीय संस्कृति की देवनागरी लिपि लोकगाथा पर आधारित रामलीला व अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सुंदर रचना का आयोजन होता था मगर आज यह संस्कृति विलुप्त होती जा रही है उन्होंने कहा कि हम सब के सामुहिक प्रयासो से फिर से इसको पुर्नजीवित करना चाहिए आज हमारे बच्चो को रामायण महाभारत जैसे दिव्य ग्रंथो से सीखना चाहिए कि देवी देवताओं की यह सनातनी संस्कृति धरती हिंदुस्थान ऋषियों मुनियों तपस्वियों के योग अध्यात्म की कर्मभूमि है ।
इस रामलीला मंचन एवँ निर्देशन उत्तराखण्ड के सुप्रशिद्ध लोक गायक शिवदत्त पन्त ने किया इस अवसर पर उत्तराखंड के गढ़वाल ,कुमाऊँ क्षेत्र तथा आगरा , मुम्बई से आये अंतर्राष्ट्रीय कलाकारो दिनेश कांडपाल , बबीता भंडारी , शिवराज अधिकारी आदि ने भगवान राम , सीता , लक्ष्मण हनुमान , रावण सहित कई कलाकारों के रूप में अपनी शानदार प्रस्तूति दी बबीता भंडारी व दिनेश कांडपाल 15 अगस्त में 26 जनवरी में होने वाले वाली झांकियां में उत्तराखंड , उत्तर प्रदेश साथ ही राजस्थान की झांकियों का प्रतिनिधित्व करते हैं साथ ही देश-विदेश में अपनी कला से अमिट छाप छोड़ रहे हैं। जिससे दिल्ली में रहने वाले उत्तराखंडवासी व अन्य यजमान झूम उठे ।
दिल्ली में पिछले 30 वर्षों से रामलीला मंचन में कई कलाकरो को प्रशिक्षण गायन की शिक्षा देने वाले सुप्रसिद्ध लोक गायक व कला निर्देशक शिवदत्त पंत ने बताया कि हम ने एक दिवसीय लीला मंचन के लिए बहुत मेहनत की क्योंकि 10 दिन की रामलीला को 4 घंटे की अवधि में पूरा करना एक चुनोती थी । रामलीला मंचन को रोचक बनाने हेतु शिवदत्त पंत ने अपनी कई रचनाओ दोहे , चौपाइयों को भी सम्मलित किया जिन्हें दिल्ली में उत्तराखंड की रामलीला मंचन के कलाकारो द्वारा प्रस्तुत किया गया।
पार्ष्वगायन में सुप्रशिद्ध दूरदर्शन की गायिका दीपा पन्त पालीवाल शिवदत्त पन्त , पुष्कर शास्त्री द्वारा प्रस्तुत किया गया
इस अवसर पर प्रकृति पर्यावरण संरक्षण हरेला महोत्सव परिवार के अध्यक्ष ताराचंद्र उपाध्याय, डीसीपी सैंट्रल के पर्सनल सचिव विजय कुमार , डीसीपी के एस ओ अरविंद तरार , भाजपा प्रदेश मंत्री उदय शर्मा , विनोद बछेती , योगी फलोरिया , वरिष्ठ पत्रकार शंकर खाती , संतोष सिंह , वी के शुक्ला , रुद्रवीणा के संरक्षक के सी पांडे , गोपाल उप्रेती , महेंद्र सिराड़ी देवेंद्र कोरंगा , दिनेश फुलारा महासचिव , हरीश बिष्ट सचिव, गौरव पंत , महेश उपाध्याय , वीरेंद्र नेगी , चंदन सौंत्याल , ललित धोलाखण्डी , सुनील बडोनी , संजय रावत सहित सैकड़ों की तादात में आए उत्तराखंडवासी व स्थानीय लोग उपस्थित थे

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