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देश में स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में जनसाधारण को फोन पर आवश्यक सूचना प्रदान करने वाली अपने तरह की पहली हेल्पलाइन ‘सेहत एवं पोषण साथी’

दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग दिल्ली सरकार

  • दिल्ली के महिला एवं बाल विकास मंत्री राजेन्द्र पाल गौतम ने दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग की ‘सेहत एवं पोषण साथी’ हेल्पलाइन नंबर का उद्घाटन किया
  • देश में स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में जनसाधारण को फोन पर आवश्यक सूचना प्रदान करने वाली अपने तरह की पहली हेल्पलाइन नई दिल्ली, 15 सितम्बर 2020

दिल्ली के महिला एवं बाल विकास मंत्री राजेन्द्र पाल गौतम ने आज दिल्ली सचिवालय में हुए एक कार्यक्रम में दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग की स्वास्थ्य और पोषण के विषय में सूचना प्रदान करने वाली ’सेहत एवं पोषण साथी‘ नामक हेल्पलाइन नंबर का फोन करके उद्घाटन किया। इस हेल्पलाइन का मुख्य उद्देश्य यह बात सुनिश्चित करना है कि छह वर्ष से कम आयु के सभी बच्चों को पोषण वाला आहार मिलें और नियमित टीकाकरण हो। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) के तहत सभी गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के खाते में सीधे पांच हजार रूपए की नकद राशि प्रोत्साहन स्वरूप प्रदान की जाती है। जबकि समेकित बाल विकास योजना (आईसीडीएस) के तहत पर्याप्त पोषण आहार देने के साथ उचित देखभाल की जाती है।

श्री गौतम ने हेल्पलाइन नंबर की शुरुआत करने के बाद कहा कि सरकार ने गर्भवती महिलाओं और छह वर्ष तक की आयु वाले बच्चों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं चलाई हुई हैं। ऐसे में, वास्तविक चुनौती सही समय पर इन योजनाओं का लाभ लाभार्थियों तक पहुंचाने की है। अगर हम इन बाधाओं को पार करके वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचने में सफल हो जाएं तो समाज की असंख्य महिलाओं और बच्चों के जीवन को सदा के लिए रोगमुक्त करके स्वस्थ बनाया जा सकता है। उन्होंने दिल्ली में महिलाओं और बच्चों में व्याप्त कुपोषण को घटाने और वर्ष 2022 तक कुपोषण की मौजूदा दर को आधे से भी कम करने के लक्ष्य को तय करने की बात कही।

इस अवसर पर दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष अनुराग कुंडू ने अपने आंगनवाड़ी क्षेत्र के अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि कैसे बचपन से ही आंगनवाड़ियां परिवर्तनकारी हो सकती है। उन्होंने अफसोस जताया कि शिक्षा प्रणाली में स्कूल स्तर पर आने वाली समस्याएं जैसे बच्चों के सीखने-समझने की धीमी और बीच में पढ़ाई छोड़ने का असली कारण आरंभिक वर्षों में मस्तिष्क के विकास, जो कि पोषणकारी आहार और सुखद अनुभवों से जुड़ा हुआ है, से संबंधित है। उन्होंने इस हेल्पलाइन के काम करने के बारे में बताया कि सेवा का लाभ लेने वाले को 011-41193903 टेलीफोन नंबर पर एक मिस कॉल देनी होगी। उस मिस काल के बाद सलाहकार (काउंसलर) फोन करने वाले के नंबर पर दोबारा फोन करके उसके और घर के विवरण को सत्यापित करने के उपरांत समस्या का समाधान के विषय में जानकारी देगा। यह हेल्पलाइन (011-41193903) ‘इंडस एक्शन’ नामक एक गैर सरकारी संगठन के सहयोग से चौबीस घंटे उपलब्ध होगी। इस हेल्पलाइन नंबर पर एक बार मिस नंबर आने के दो दिनों के भीतर दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टोली फोन करने वाले व्यक्ति से संपर्क करके शिकायत को दर्ज करने के बाद उसको सुलझाएंगी। यह देश में स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में जनसाधारण को फोन पर आवश्यक सूचना प्रदान करने वाली अपने तरह की पहली हेल्पलाइन है।

यह हेल्पलाइन के उद्घाटन के बाद “शिशु जीवन के पहले दो हजार दिनों” के विषय पर एक परिचर्चा भी हुई। इस परिचर्चा में विभिन्न अल्पकालिक और और दीर्घकालिक लक्ष्यों की पहचान करते हुए आंगनवाड़ियों के लिए एक सशक्त निगरानी तंत्र विकसित करने और पंजीकृत लाभार्थियों के साथ प्रभावी रूप से संबंध स्थापित करने की आवश्यकता बताई गई। साथ ही, महिलाओं और परिवारों में इस विषय मेें जागरूकता को बढ़ाने के लिए महिलाओं समूहों और सामुदायिक केंद्रों के गठन, सरकार में विभाग स्तर पर सामाजिक योजनाओं से संबंधित आंकडों के विश्लेषण और एक-दूसरे के साथ सूचना साझा करने की बात को रेखांकित किया गया। इस परिचर्चा में दिल्ली सरकार की महिला एवं बाल विकास विभाग की निदेशक रश्मि सिंह, परिवार कल्याण विभाग की निदेशक मोनिका राणा, आयोग के अध्यक्ष अनुराग कुंडू, त्रिलोकपुरी की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सुनीता कंबोज और इंडस एक्शन के संस्थापक तरुण चेरुकुरी ने चर्चा में भाग लिया।

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